Saturday, 18 August 2012

नीरो की बांसुरी दिल्ली में नहीं बजेगी न जनता का रोम जलेगा इसलिए जागो .....!!



... लालबहादुर शस्त्री ही क्यों इस समय याद किये जाते हैं जो महज एक रेल दुर्घटना पर पद छोड़ देते हैं यहाँ खरबों के घोटालों की घटना पर भी आप बने रहते है तो संशय तोडिये और अपनी प्रतिष्ठा को स्थापित रखने के लिए ही यह तथ्य बता दीजिये कि घोटाले है ही नहीं . क्योंकि पीएम् साहब कैग के पीएम् ( पोस्टमार्टम ) में आप भी हैं ....और जरुरी यही है कि नीरो की बांसुरी दिल्ली में नहीं बजेगी न जनता का रोम जलेगा इसलिए जागो .....!!

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