मै भी करता हूँ प्यार
उनसे
जो बहते हैं साथ
मेरे , भावों में ,
समंदर के भीतर
भावनाओं की गर्त में ,
विचारों के स्वच्छंद
आकाश में,
विचरण करते हुए
अनन्त केनवास पर ,
इस छोर से उस छोर तक
अभिलाषाओं को रख,
कहीं संभावनाओं के साथ
अनन्त, अनंत, अनंत,
अविरत, अविराम
प्यार के साथ....
सुरेन्द्र बंसल
16003012018
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